
पापा बचपन से मैने आप की आंखों मे
अपने लिये एक सपना देखा है
मुझे एक नई उन्चाई पर देखने का
मगर आज कल मुझे आप की आंखों मे
सपनो की जगह चिन्ता दिखाई देती है
मुझे एह्सास है कि मै बडी हो रही हूं
आप की चिन्ता समझती हूं
मै आप को यकीन दिलाती हूं पापा
कि मै आप के सपनो को पूरा करुंगी
मैं आप की ताकत रही हूं
कभी आप की कमजोरी नही बनूंगी
Written forExpress Yourself Contest 28 being hosted by Arunaji

Recommend
votes